UP News: न्यायाधीश ने पुलिस की लापरवाही पर जताई नाराजगी, बांके बिहारी मंदिर मामले में तत्काल FIR दर्ज करने का आदेश

UP News: मथुरा-वृंदावन के प्रसिद्ध श्री बांके बिहारी मंदिर में 4 नवंबर को हुई हिंसक घटना के बाद कोर्ट ने महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। कोर्ट के निर्देश के बाद महिला थाने में दो पुलिसकर्मियों और चार अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस ने बताया कि आरोपियों में पुलिस आरक्षी जगवेंद्र और अजीत शामिल हैं। इसके अलावा चार अन्य लोगों की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है। यह मामला स्थानीय लोगों और मंदिर के श्रद्धालुओं के बीच काफी चर्चा का विषय बना हुआ है।
शराब के नशे में आरोपियों ने किया कपड़े फाड़ने तक का कृत्य
शिकायतकर्ता और उनके छह साथी मंदिर गए थे, तब आरोपियों ने शराब के नशे में आकर उन पर अभद्र टिप्पणियां कीं और उन्हें परेशान करना शुरू कर दिया। प्राथमिकी में आरोप है कि आरक्षी जगवेंद्र और अजीत ने उन्हें जबरदस्ती घसीटने की कोशिश की। विरोध करने पर आरोपियों ने उनकी बेटी के कपड़े फाड़ दिए और उसका अपमान किया। यह घटना न सिर्फ श्रद्धालुओं के लिए शर्मनाक है बल्कि मंदिर की पवित्रता पर भी सवाल खड़ा करती है।

बीच-बचाव करने वालों पर भी हुआ हमला
शिकायत में यह भी उल्लेख है कि जब आरोपियों के इस कृत्य को रोकने की कोशिश की गई तो उन्होंने लोहे की रॉड से हमला कर दिया। इस हमले में शिकायतकर्ता के भाई गंभीर रूप से घायल हो गए। साथ ही आरोपियों ने बीच-बचाव करने वाले अन्य लोगों को भी धमकी दी और उन्हें डराया-धमकाया। इस पूरी घटना से मंदिर परिसर में भय का माहौल बन गया। शिकायतकर्ता का यह भी कहना है कि उनके साथी श्रद्धालुओं से 60,000 रुपये समेत कीमती सामान भी छीन लिया गया।
झूठे मुकदमे और गिरफ्तारी का आरोप
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि उनके भाइयों के खिलाफ झूठे मुकदमे दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया गया। इसके अलावा जब उन्होंने कानूनी कार्रवाई करने की कोशिश की तो आरोपियों ने उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी। उन्होंने यह भी कहा कि वृंदावन पुलिस और महिला थाने में पहले भी कई बार शिकायत दर्ज कराई गई थी, लेकिन कोई उचित कार्रवाई नहीं हुई। यह पुलिस की उदासीनता का उदाहरण है जो इस गंभीर घटना को और बढ़ावा देती है।
भाइयों का सैन्य अस्पताल में इलाज जारी
हिंसा की इस घटना के बाद शिकायतकर्ता के भाइयों का इलाज सैन्य अस्पताल में चल रहा है, जहां उनकी चोटों का इलाज किया जा रहा है। परिवार में गहरा आघात पहुंचा है और उन्हें न्याय की उम्मीद है। मंदिर परिसर में हुई इस हिंसक घटना ने न केवल श्रद्धालुओं को आहत किया है बल्कि सामाजिक सद्भाव पर भी गहरा असर डाला है। अब कोर्ट के आदेश के बाद पुलिस ने मामले की गंभीरता को समझते हुए एफआईआर दर्ज कर उचित जांच शुरू कर दी है।





