Lok Sabha discussion: लोकसभा में आज वंदे मातरम् पर 10 घंटे की लंबी बहस, विपक्ष और सरकार करेंगे देशभक्ति गीत की भूमिका पर चर्चा

Lok Sabha discussion: आज लोकसभा में देशभक्ति गीत वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूरे होने के अवसर पर विशेष चर्चा होने जा रही है। इस मौके पर स्वतंत्रता आंदोलन में इस गीत की भूमिका तथा भारत की सांस्कृतिक विरासत पर व्यापक बातचीत होगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दोपहर 12 बजे इस चर्चा की शुरुआत करेंगे। संसद में वंदे मातरम् पर कुल 10 घंटे की चर्चा का समय निर्धारित किया गया है। यह चर्चा देश के इतिहास और भावी दिशा दोनों के लिए अहम मानी जा रही है, क्योंकि इस गीत को लेकर राजनीतिक दलों के बीच पहले से ही मतभेद देखने को मिल रहे हैं।
सरकार और विपक्ष के वक्ता होंगे शामिल
इस चर्चा में सरकार की ओर से रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर वंदे मातरम् के पक्ष में अपनी बात रखेंगे। वहीं, विपक्ष की तरफ से कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता जैसे गौरव गोगोई, प्रियंका वाड्रा, दीपेंद्र हुड्डा, विमल अकोइजम, प्रणिती शिंदे, प्रशांत पडोले, चमाला रेड्डी और ज्योत्सना महंत अपनी-अपनी बात कहेंगे। चर्चा के दौरान वंदे मातरम् के महत्व, इतिहास और राजनीतिक संदर्भों पर गहरी बहस होने की संभावना है। राजनीतिक दल इस गीत को लेकर अपनी-अपनी व्याख्या और भावनाएं प्रस्तुत करेंगे।
#WATCH | Delhi | On Lok Sabha to hold special discussion on 150 years of Vande Mataram, BJP spokesperson Shehzad Poonawalla says, "The entire nation will witness a historic moment in both Houses where glorious tribute will be paid to Vande Mataram… It is not just a song, but a… pic.twitter.com/a32QybTTig
— ANI (@ANI) December 8, 2025
पीएम मोदी के बयान को लेकर हंगामा संभावित
चर्चा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी के एक बयान पर हंगामा होने की संभावना जताई जा रही है। पीएम मोदी ने कांग्रेस पर 1937 में वंदे मातरम् के कुछ प्रमुख छंद हटाने और देश के विभाजन के बीज बोने का आरोप लगाया था। यह बयान कांग्रेस के लिए चिंता का विषय बन गया है और इसके चलते चर्चा शुरू होने से पहले ही बीजेपी और कांग्रेस के बीच वंदे मातरम् को लेकर तीखी बहस शुरू हो गई है। दोनों दल अपने-अपने पक्ष को मजबूत करने के लिए पूरी तैयारी कर रहे हैं।
संबित पात्रा ने नेहरू पर बोला हमला
बीजेपी के लोकसभा सांसद और राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू पर वंदे मातरम् से कई लाइन हटाने का आरोप लगाया है। संबित पात्रा ने कहा कि नेहरू ने ऐसा मुस्लिम समाज को ‘इरिटेट’ करने के डर से किया था। उन्होंने यह भी कहा कि वंदे मातरम् को समझने के लिए लोगों को शब्दकोश की मदद लेनी पड़ी थी। संबित पात्रा के इस बयान ने चर्चा को और अधिक राजनीतिक रंग दिया है और नेहरू की भूमिका पर भी बहस को हवा दी है। भाजपा इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस को घेरने के लिए पूरी तरह सक्रिय नजर आ रही है।
चर्चा में 10 घंटे का समय निर्धारित और राजनीतिक रणनीति
लोकसभा में वंदे मातरम् पर चर्चा के लिए लगभग 10 घंटे का समय निर्धारित किया गया है, जो इसे एक व्यापक और गहन बहस बनाता है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में सरकार इस चर्चा को कांग्रेस पर वार करने का अवसर मान रही है। बीजेपी का इरादा है कि इस चर्चा के जरिए वे नेहरू के राजनीतिक फैसलों और कांग्रेस के इतिहास को जनता के सामने उजागर करें। विपक्ष की ओर से भी कड़े जवाब और अपनी दलीलें पेश करने की तैयारी है। यह बहस न केवल वंदे मातरम् के महत्व पर बल्कि देश की राजनीतिक दिशा और सांस्कृतिक पहचान पर भी असर डाल सकती है। ऐसे में यह चर्चा बेहद महत्वपूर्ण और ध्यान आकर्षित करने वाली साबित होगी।





