Ghaziabad में 56% मतदाता डिजिटलाइज, लेकिन शिफ्टेड और अनुपलब्ध वोटर SIR अभियान की सबसे बड़ी समस्या

Ghaziabad। विशेष मतदाता सूची संशोधन (SIR) कार्यक्रम के तहत रविवार को 100 प्रतिशत मतदाताओं के डेटा को डिजिटाइज़ करने के लिए एक विशेष अभियान चलाया गया। इस अभियान में बूथ लेवल ऑफिसर्स (BLOs) अपने-अपने मतदान केंद्रों पर मौजूद रहे। इस दौरान मतदाताओं ने SIR फॉर्म जमा करने में उत्साह दिखाया और बड़ी संख्या में अपने फॉर्म जमा किए।
चुनाव आयोग के निर्देशों पर प्रशासन ने आगामी चुनाव प्रक्रियाओं को पारदर्शी और त्रुटि रहित बनाने के लिए मतदाता सत्यापन अभियान को और तेज कर दिया है। रविवार को मतदान केंद्रों पर बड़ी संख्या में मतदाता पहुंचे और अपने SIR फॉर्म जमा किए। उप जिलाधिकारी और जिला निर्वाचन अधिकारी (डीईओ) सौरभ भट्ट ने बताया कि डेटा डिजिटाइज़ करने का काम तेजी से चल रहा है। उन्होंने कहा कि अब तक 56 प्रतिशत से अधिक फॉर्म डिजिटाइज़ हो चुके हैं, जबकि 36 प्रतिशत मतदाताओं ने खुद अपनी जानकारी की पुष्टि कर दी है। इसके बावजूद 38 प्रतिशत मतदाताओं का सत्यापन अभी बाकी है।

हालांकि, कुछ चुनौतियां भी सामने आ रही हैं। SIR रिपोर्ट के अनुसार, कई फॉर्म “अनकलेक्टिबल” यानी असंग्रहीत श्रेणी में आए हैं। इनमें ऐसे मतदाता शामिल हैं जिनसे संपर्क नहीं हो पाया है। साथ ही, जो मतदाता स्थायी रूप से दूसरे स्थान पर स्थानांतरित हो गए हैं, वे भी SIR प्रक्रिया को प्रभावित कर रहे हैं। अधिकारियों के अनुसार, क्षेत्र में काम कर रही BLO टीमों को इस समस्या का सबसे अधिक सामना करना पड़ रहा है क्योंकि वे इन मतदाताओं का पता लगाना और सत्यापन करना मुश्किल समझ रही हैं।
जिला प्रशासन ने इस बार डेटा की सटीकता पर विशेष ध्यान दिया है। गलत पते, ग़लत जानकारी और अनुपलब्ध मतदाताओं की पहचान को प्राथमिकता दी जा रही है। अधिकारियों ने कहा कि टीमों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे चुनाव की घोषणा से पहले 100 प्रतिशत मतदाता सूची अपडेट कर लें। यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि मतदाता सूची पूरी तरह से सटीक और त्रुटि मुक्त हो। डिजिटल प्लेटफॉर्म के उपयोग से यह प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक पारदर्शी और त्वरित हो गई है।
अंत में, यह कहा जा सकता है कि गाजियाबाद प्रशासन चुनाव से पहले मतदाता सूची को पूरी तरह से अपडेट करने और सुधारने के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है। डिजिटल तकनीक के माध्यम से मतदाता सत्यापन प्रक्रिया में पारदर्शिता आई है, जिससे चुनावी प्रक्रिया में सुधार होगा। यह कदम मतदाताओं के हित में है और लोकतंत्र को मजबूत बनाने में सहायक होगा। इस अभियान से चुनाव की निष्पक्षता और प्रभावशीलता दोनों बढ़ेंगी।





