Ghaziabad Weather: गाज़ियाबाद में तापमान 6.8 डिग्री ठंड और भारी कोहरे के साथ AQI 460 पहुंचा खतरनाक लाल जोन में

Ghaziabad Weather: गाजियाबाद में रविवार सुबह न्यूनतम तापमान 6.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम में ठंड के साथ ही हवा की गुणवत्ता भी बहुत खराब हो गई है। पिछले रात से घना कोहरा छाया हुआ है, जिससे दृश्यता इतनी कम हो गई कि सुबह के वक्त केवल 20 मीटर की दूरी तक ही साफ दिखाई दे रही थी। गाजियाबाद का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 460 तक पहुंच गया है, जो रेड जोन में आता है। दिल्ली और नोएडा भी इसी स्थिति में हैं, जहां का AQI क्रमशः 462 और 472 है। दिन में अधिकतम तापमान लगभग 25 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है, साथ ही हवा की रफ्तार 4 किलोमीटर प्रति घंटे तक होगी। कोहरे के छंटने के बाद कुछ धूप भी निकलेगी।
गाजियाबाद में GRAP-4 लागू, सख्त प्रतिबंधों का किया गया पालन
वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने गाजियाबाद में ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) के चरण 4 को तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया है। धीमी हवा और स्थिर मौसम के कारण पूरे क्षेत्र में घना धुंध और स्मॉग छाया हुआ है, जिससे दृश्यता बहुत कम हो गई है और यह आम जनता के लिए गंभीर स्वास्थ्य जोखिम पैदा कर रहा है। खासतौर पर बच्चों, बुजुर्गों और श्वसन रोग से पीड़ित लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। गाजियाबाद प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी अंकित सिंह ने बताया कि GRAP-4 को प्रभावी रूप से लागू किया गया है और सभी संबंधित विभागों को कड़े नियमों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

दिल्ली-एनसीआर के शहरों का आज का AQI
आज दिल्ली-एनसीआर के विभिन्न शहरों की एयर क्वालिटी इंडेक्स स्थिति इस प्रकार है: नोएडा 472, दिल्ली 462, गाजियाबाद 460, बागपत 450, ग्रेटर नोएडा 444, मेरठ 350, लखनऊ 220, और आगरा 210। यह आंकड़े प्रदूषण की गंभीरता को दर्शाते हैं और लोगों को सचेत रहने की जरूरत बताते हैं।
निर्माण कार्यों पर पूर्ण प्रतिबंध और पुराने वाहनों की मनाही
GRAP-4 लागू होने के बाद दिल्ली-एनसीआर में कई सख्त प्रतिबंध लगाए गए हैं। सबसे प्रमुख प्रतिबंध निर्माण और विध्वंस कार्यों पर पूर्ण रोक है। गैर-जरूरी निर्माण, स्टोन क्रशर और खनन गतिविधियां पूरी तरह बंद रहेंगी। इसमें मिट्टी का काम, पाइलिंग, खड्डा खोदना, वेल्डिंग, पेंटिंग आदि सभी गतिविधियां शामिल हैं। इसके साथ ही BS-III पेट्रोल और BS-IV डीजल के पुराने चार पहिया वाहनों के संचालन पर भी दिल्ली, गुरुग्राम, फरीदाबाद, गाजियाबाद और नोएडा में रोक लगा दी गई है।
जनजीवन और प्रशासन की सावधानियां
विद्यालयों में कक्षा 5 तक के छात्रों के लिए हाइब्रिड मोड (ऑनलाइन और ऑफलाइन) पढ़ाई अनिवार्य कर दी गई है। सरकारी कार्यालयों में staggered काम के घंटे लागू किए गए हैं ताकि प्रदूषण कम हो सके। CAQM ने नागरिकों से सार्वजनिक परिवहन का अधिक से अधिक उपयोग करने, मास्क पहनने और अनावश्यक बाहर निकलने से बचने की अपील की है। प्रदूषण के मुख्य कारण वाहन प्रदूषण, निर्माण से उठने वाली धूल और मौजूदा मौसम की स्थिति बताई जा रही है। प्रशासन द्वारा सड़कों पर धूल नियंत्रण के लिए लगातार पानी का छिड़काव किया जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में प्रदूषण की स्थिति और खराब हो सकती है, इसलिए सावधानी बरतना बेहद जरूरी है।





