Delhi News: दिल्ली पुलिस कर्मियों को मिला सम्मान सेवानिवृत्ति पर मिलेगा, एक स्तर ऊंचा मानद पद सम्मान बढ़ाएगा मनोबल

Delhi News: दिल्ली पुलिस के लगभग 88,000 से ज्यादा कर्मियों और अधिकारियों के लिए खुशियों भरी खबर आई है। उपराज्यपाल वी.के. सक्सेना ने सेवानिवृत्ति के दिन कांस्टेबल से लेकर सब-इंस्पेक्टर तक के पुलिस कर्मियों को एक स्तर ऊँचा मानद पद (Honorary Rank) देने की मंजूरी दे दी है। यह पदोन्नति पूरी तरह से मानद होगी, जिसका कोई वित्तीय या पेंशन लाभ नहीं मिलेगा। यह निर्णय पुलिस कर्मियों को उनके सेवा जीवन के समापन पर एक सम्मानित महसूस कराने के उद्देश्य से लिया गया है। गृह मंत्रालय ने मई 2025 में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) और असम राइफल्स के लिए भी इसी प्रकार के मानद पदों को मंजूरी दी थी, जिसके बाद दिल्ली पुलिस ने भी अपनी मांग प्रस्तुत की थी, जिसे अब मंजूरी मिल गई है।
कौन-कौन से रैंक होंगे मानद पदोन्नति के हकदार?
यह मानद पदोन्नति सेवानिवृत्ति के दिन ही दी जाएगी और केवल एक सम्मान के रूप में होगी। इसमें सब-इंस्पेक्टर पद पर कार्यरत कर्मी मानद इंस्पेक्टर बनेंगे। असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर (ASI) मानद सब-इंस्पेक्टर के पद पर सेवानिवृत्त होंगे। इसी तरह, हेड कांस्टेबल को मानद ASI और कांस्टेबल को मानद हेड कांस्टेबल का दर्जा दिया जाएगा। यह पदोन्नति किसी भी प्रकार के वेतन या अन्य लाभ से जुड़ी नहीं होगी, परंतु कर्मियों के लिए यह गर्व का विषय होगा कि वे अपने सेवा जीवन के अंत में एक उच्च पद के साथ सम्मानित होकर सेवानिवृत्त होंगे।
मानद पदोन्नति के लिए योग्यता क्या होगी?
इस सम्मान को पाने के लिए पुलिस कर्मियों को कुछ शर्तें पूरी करनी होंगी। सबसे पहले, कर्मी को अपने वर्तमान पद पर कम से कम दो वर्षों की सेवा होनी चाहिए। इसके अलावा, पिछले पांच वर्षों के लिए उनका वार्षिक प्रदर्शन मूल्यांकन (APAR) अच्छा होना जरूरी है। साथ ही, सेवा के दौरान किसी भी गंभीर दंडात्मक कार्रवाई का दोषी न पाया गया हो। इन सभी मानदंडों को पूरा करने वाले ही इस मानद पदोन्नति के लिए पात्र होंगे। यह नियम इस बात को सुनिश्चित करता है कि केवल वे कर्मी ही इस सम्मान के हकदार होंगे, जिन्होंने अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से पालन किया हो।
कितने पुलिस कर्मियों को मिलेगा फायदा?
दिल्ली पुलिस में कुल लगभग 88,000 कर्मी हैं, जिनमें कांस्टेबल से लेकर सब-इंस्पेक्टर तक के पद शामिल हैं। इस नई नीति के तहत, इन सभी पदों पर कार्यरत कर्मियों को उनके सेवानिवृत्ति के दिन मानद पदोन्नति दी जाएगी। इससे निचले स्तर के अधिकांश पुलिसकर्मी भी सम्मानित महसूस करेंगे। हालांकि, इस पदोन्नति से वित्तीय लाभ नहीं जुड़ा होगा, लेकिन यह एक बड़ा मनोवैज्ञानिक और नैतिक उत्थान साबित होगा। इससे पुलिस कर्मियों का आत्मसम्मान बढ़ेगा और वे अपने सेवा जीवन के अंत में गर्व महसूस कर सकेंगे।
मनोबल बढ़ाने वाला फैसला, पुलिस कर्मियों के लिए सम्मान का प्रतीक
यह फैसला पुलिस कर्मियों के मनोबल को बढ़ाने के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सेवा जीवन के दौरान कठिनाइयों का सामना करने वाले पुलिस कर्मियों को इस मानद पदोन्नति के जरिए सम्मानित किया जाना उनके प्रयासों की सराहना है। उपराज्यपाल वी.के. सक्सेना ने भी इस निर्णय को पुलिस के प्रति सम्मान का प्रतीक बताया है। आने वाले दिनों में यह निर्णय दिल्ली पुलिस के अन्य विभागों में भी प्रेरणा का स्रोत बनेगा। पुलिस कर्मियों के लिए यह गर्व का मौका है कि वे सेवानिवृत्ति के दिन एक नए और ऊंचे दर्जे के साथ सम्मानित हों, जिससे उनकी सेवाओं की अहमियत और भी बढ़ेगी।





