धुंध ने घेरा शहर, बच्चों की पढ़ाई हुई ऑनलाइन – गाजियाबाद का AQI पहुंचा 463

गाजियाबाद की हवा आज खतरनाक स्तर पर पहुंच गई है. सोमवार सुबह AQI 463 दर्ज किया गया. शहर रेड जोन में चला गया है. ठंड और धुंध के साथ स्मॉग की मोटी परत छाई हुई है. दृश्यता कम है और सांस लेना मुश्किल हो रहा है. इसी हालात ने प्रशासन को सख्त फैसला लेने पर मजबूर कर दिया है.
बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए कक्षा पांच तक की सभी कक्षाएं आज से ऑनलाइन कर दी गई हैं. जिलाधिकारी के निर्देश पर यह आदेश लागू हुआ है. प्री नर्सरी से लेकर कक्षा पांच तक के बच्चों को स्कूल नहीं बुलाया जाएगा. कक्षा छह से नौ और ग्यारहवीं की पढ़ाई हाइब्रिड मोड में होगी. जहां संभव होगा वहां ऑनलाइन माध्यम को प्राथमिकता दी जाएगी.
गाजियाबाद में GRAP 4 को तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है. हवा की धीमी गति और स्थिर मौसम ने हालात को और बिगाड़ दिया है. बच्चों बुजुर्गों और सांस के मरीजों के लिए खतरा बढ़ गया है. प्रशासन ने सभी विभागों को सख्ती से नियम लागू करने के निर्देश दिए हैं.
GRAP 4 के तहत निर्माण और विध्वंस कार्य पूरी तरह रोक दिए गए हैं. स्टोन क्रशर और माइनिंग गतिविधियां भी बंद रहेंगी. साहिबाबाद क्षेत्र में सात प्लांट सील किए गए हैं. धूल और धुएं को नियंत्रित करने के लिए सड़कों पर पानी का छिड़काव किया जा रहा है.
पुराने वाहनों पर भी पाबंदी लगा दी गई है. BS तीन पेट्रोल और BS चार डीजल चार पहिया वाहन सड़कों पर नहीं चलेंगे. औद्योगिक इकाइयों पर भी सख्त नजर रखी जा रही है. सरकारी दफ्तरों में कामकाज के समय में बदलाव किया जाएगा.
दिल्ली एनसीआर के कई शहरों में हालात चिंताजनक बने हुए हैं. नोएडा और दिल्ली का AQI भी बेहद खराब श्रेणी में है. प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे मास्क पहनें. अनावश्यक बाहर न निकलें. सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करें. सवाल यही है कि अगर हवा यूं ही जहरीली रही तो अगला कदम कितना और सख्त होगा.





