नोएडा की हाईराइज में अंधेरे का खौफ… 300 परिवारों को कौन बचाएगा बिजली के इस ‘ब्लैकआउट ट्रैप’ से?

ग्रेटर नोएडा के सेक्टर 22D की हाईराइज सोसायटी में रहने वाले 300 से अधिक परिवार इन दिनों अंधेरे और अव्यवस्था के बीच जिंदगी गुजारने को मजबूर हैं। करोड़ों रुपये के फ्लैट खरीदकर रहने आए लोगों को अब बिजली जैसी बुनियादी सुविधा के लिए भी जद्दोजहद करनी पड़ रही है। यीडा और विद्युत निगम के बीच जिम्मेदारी टालने का खेल ऐसा चल रहा है कि महीनों से चली आ रही समस्या का कोई ठोस समाधान आज तक नहीं निकल सका है।
इस सोसायटी में कुल लगभग 7000 फ्लैट बने हैं, लेकिन सुविधाओं की भारी कमी के कारण सिर्फ 300 परिवार ही रह पा रहे हैं। बाकी लोग कब्जा मिलने के बावजूद अंदर शिफ्ट होने से हिचकिचा रहे हैं। बिजली समस्या इतनी गंभीर है कि सोसायटी में लगे 21 में से 8 ट्रांसफॉर्मर पिछले एक महीने से खराब पड़े हैं, जबकि सिर्फ 13 ट्रांसफॉर्मर ही किसी तरह चल रहे हैं।
निवासियों का कहना है कि विद्युत निगम कम वोल्टेज के साथ सप्लाई देता है, जिससे कई फ्लैटों में पंखा तक नहीं चल पाता। हालत यह है कि सोसायटी के ज्यादातर लिफ्ट खराब पड़ चुकी हैं। हाईराइज होने के बावजूद लोगों को 10वीं मंजिल तक सीढ़ियों से चढ़ना पड़ता है, जिससे बुजुर्गों और बच्चों को भारी परेशानी हो रही है।
निवासियों में यीडा और बिजली विभाग के खिलाफ गहरा रोष है। उनकी शिकायत है कि बार-बार शिकायत करने के बावजूद अधिकारी सिर्फ एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालकर पल्ला झाड़ लेते हैं।
सोसायटी में सीपेज की समस्या भी विकराल रूप ले चुकी है। कई फ्लैटों की दीवारें लगातार पानी रिसने से क्षतिग्रस्त हो रही हैं। इसके साथ ही सुरक्षा की कमी के कारण चोरों ने ट्रांसफॉर्मरों से तांबे की पत्तियाँ तक उखाड़ लीं, जिससे बिजली आपूर्ति और अधिक बाधित होती रहती है।
रहवासियों का कहना है कि यदि हालात जल्द नहीं सुधरे, तो उन्हें मजबूरन आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ेगा। लाखों रुपये लगाकर घर खरीदने के बाद इस तरह की बदहाली ने लोगों के धैर्य और उम्मीद दोनों की परीक्षा ले ली है।





