Delhi News: दिल्ली की हवा को मिलेगी राहत? ITO रोड पर मिस्ट तकनीक की ट्रायल से सस्पेंस बढ़ा

Delhi News: दिल्ली में प्रदूषण लंबे समय से एक गंभीर समस्या बनी हुई है। खासकर सर्दियों के मौसम में वायु की गुणवत्ता लगातार खराब रहती है। पिछले कई दिनों से दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) खतरनाक स्तर पर पहुंच चुका है। दिल्ली सरकार ने इस समस्या को कम करने के लिए कई उपाय अपनाए हैं, लेकिन उनके परिणाम अपेक्षित नहीं रहे। अब राजधानी में प्रदूषण कम करने के लिए नई तकनीक “मिस्ट टेक्नोलॉजी” अपनाई जा रही है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने स्पष्ट किया कि यदि यह तरीका कारगर साबित होता है, तो इसे अन्य हिस्सों में भी लागू किया जाएगा।
ITO पर मिस्ट तकनीक का परीक्षण
दिल्ली सरकार ने प्रदूषण नियंत्रण की दिशा में एक और कदम बढ़ाते हुए मिस्ट तकनीक का परीक्षण शुरू कर दिया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और मंत्री आशीष सूद ने ITO क्षेत्र में सड़क पर स्थापित मिस्ट तकनीक का निरीक्षण किया। जानकारी के अनुसार, फिलहाल ITO रोड डिवाइडर पर 19 स्थानों पर मिस्ट स्प्रे लगाए गए हैं, और जल्द ही 16 और मिस्ट स्प्रे स्थापित किए जाएंगे। ये स्प्रे पीक ट्रैफिक के समय हर 10 मिनट पर सक्रिय होंगे। मिस्ट स्प्रे एक ड्रिपिंग प्लांट से जुड़े हुए हैं, जो हवा में पानी की महीन बूंदें छोड़कर प्रदूषण को कम करेंगे।

मिस्ट तकनीक के लाभ और विस्तार योजना
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि मिस्ट तकनीक प्रदूषण कम करने में एक प्रभावी उपाय साबित हो रही है। उन्होंने कहा कि पहले इसे एनडीएमसी क्षेत्र में लागू किया गया था और वहां सकारात्मक परिणाम मिले थे। अब दिल्ली सरकार पूरे शहर में इसे विस्तारित करने की योजना बना रही है। इस प्रयास के तहत ITO में बिजली के खंभों पर मिस्ट लगाए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल सभी के लिए लाभकारी होगी और हम सभी मिलकर प्रदूषण के खिलाफ इस लड़ाई को सफल बनाएंगे।
राजधानी के अन्य हिस्सों में मिस्ट तकनीक
सरकार का लक्ष्य दिल्ली के नौ प्रमुख प्रदूषण हॉटस्पॉट्स में 305 मिस्ट स्प्रे स्थापित करना है। इन क्षेत्रों में वायु प्रदूषण गंभीर समस्या बन चुका है। सरकार इन सभी जगहों पर मिस्ट तकनीक लगाने के लिए विस्तृत योजना बना रही है। इसका उद्देश्य दिल्लीवासियों को साफ और स्वस्थ वातावरण प्रदान करना है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि हम प्रदूषण के खिलाफ इस लड़ाई में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे और मिस्ट तकनीक इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।





